LIC फॉर्च्यून प्लस 187 साल 2007 का ULIP है, जिसमें प्रीमियम सिर्फ पाँच साल भरना होता है। पहले साल का प्रीमियम बाकी चार साल के प्रीमियम का चार गुना होता है, न्यूनतम ₹20,000। बीमा राशि पहले साल के प्रीमियम का 5 गुना या आधी अवधि गुना, जो ज़्यादा हो। ₹40,000 पहले साल पर बाद में ₹10,000 सालाना, 15 साल के लिए ₹3 लाख कवर और 8% पर लगभग ₹1.58 लाख फंड का अनुमान है।
फॉर्च्यून प्लस 187 प्रीमियम और फंड कैलकुलेटर
आपका अनुमान
अनुमान, गारंटीड नहीं
मृत्यु पर: यह या फंड वैल्यू, जो ज़्यादा हो
- दूसरे से पाँचवें साल तक का प्रीमियम
- ₹10,000
- प्रीमियम भुगतान अवधि
- 5 वर्ष
- कुल भुगतान प्रीमियम
- ₹80,000
- 4% रिटर्न पर फंड वैल्यू
- ₹89,704
- 8% रिटर्न पर फंड वैल्यू
- ₹1,58,096
- कुल भुगतान प्रीमियम₹80,00051%
- अनुमानित रिटर्न₹78,09649%
पॉलिसी वर्ष के अनुसार अनुमानित फंड वैल्यू (अनुमानित चार्ज)
| पॉलिसी वर्ष | भरा गया प्रीमियम | फंड वैल्यू (वर्ष के अंत में) | मृत्यु लाभ |
|---|---|---|---|
| 1 | ₹40,000 | ₹33,344 | ₹3,00,000 |
| 2 | ₹50,000 | ₹45,180 | ₹3,00,000 |
| 3 | ₹60,000 | ₹57,867 | ₹3,00,000 |
| 4 | ₹70,000 | ₹71,468 | ₹3,00,000 |
| 5 | ₹80,000 | ₹86,054 | ₹3,00,000 |
| 10 | ₹80,000 | ₹1,16,071 | ₹3,00,000 |
| 15 | ₹80,000 | ₹1,58,096 | ₹3,00,000 |
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।
LIC फॉर्च्यून प्लस प्लान 187 क्या है?
LIC फॉर्च्यून प्लस प्लान 187 (UIN 512L244V01) एक यूनिट-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग जीवन बीमा प्लान है, जिसे LIC ने 23 अगस्त 2007 को शुरू किया। इसमें लाइफ कवर के साथ बाज़ार से जुड़े यूनिट में निवेश होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत प्रीमियम का ढांचा है: प्रीमियम सिर्फ पाँच साल भरना होता है और पहले साल का प्रीमियम बाकी सालों से काफी बड़ा होता है।
यह प्लान अब नहीं बिकता। बंद होने की तारीख अलग-अलग स्रोतों में अलग बताई गई है, इसलिए हम उसे नहीं दे रहे। यह पेज उनके लिए है जिनके पास अब भी फॉर्च्यून प्लस पॉलिसी है। उसी दौर का मिलता-जुलता प्लान प्रॉफिट प्लस 188 है।
फॉर्च्यून प्लस 187 एक नज़र में
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्लान नंबर / UIN | 187 / 512L244V01 |
| प्लान का प्रकार | यूनिट-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग |
| लॉन्च | 23 अगस्त 2007 |
| प्रीमियम भुगतान अवधि | 5 साल |
| प्रीमियम का ढांचा | पहला साल = 2 से 5 साल के प्रीमियम का 4 गुना |
| पहले साल का न्यूनतम प्रीमियम | ₹20,000 |
| बीमा राशि | पहले साल के प्रीमियम का 5 गुना या (अवधि ÷ 2) गुना, जो ज़्यादा हो |
| मृत्यु लाभ | बीमा राशि या फंड वैल्यू, जो ज़्यादा हो |
| आंशिक निकासी | तीसरी पॉलिसी वर्षगांठ के बाद |
| लोन | नहीं |
कैलकुलेटर कैसे काम करता है
प्रीमियम और कवर सीधे प्लान के नियमों से निकलते हैं:
- 2 से 5 साल का प्रीमियम = पहले साल का प्रीमियम ÷ 4
- बीमा राशि = (5 × पहले साल का प्रीमियम) या (अवधि ÷ 2 × पहले साल का प्रीमियम), जो ज़्यादा हो, ₹5,000 तक राउंड अप
फंड वैल्यू एक अनुमान है। हर साल कैलकुलेटर प्रीमियम से एलोकेशन चार्ज (पहले साल 20% और बाद में 3% माना गया), ₹600 एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज और जोखिम वाली राशि पर मोर्टैलिटी चार्ज घटाता है। फिर बाकी राशि को आपके अनुमानित रिटर्न में से 0.8% फंड मैनेजमेंट चार्ज घटाकर बढ़ाता है। ये चार्ज उस दौर के ULIP के लिए हमारी मान्यताएँ हैं, ब्रोशर के आंकड़े नहीं।
उदाहरण: उम्र 30, पहले साल का प्रीमियम ₹40,000, अवधि 15 साल।
| मद | राशि |
|---|---|
| पहले साल का प्रीमियम | ₹40,000 |
| 2 से 5 साल का प्रीमियम | ₹10,000 सालाना |
| कुल प्रीमियम | ₹80,000 |
| बीमा राशि | ₹3,00,000 |
| 4% पर अनुमानित फंड | ₹89,704 |
| 8% पर अनुमानित फंड | ₹1,58,096 |
8% पर पाँच साल बाद फंड लगभग ₹86,054 और दस साल बाद लगभग ₹1,16,071 होता है।
छोटी पॉलिसी का उदाहरण: उम्र 35, पहले साल का प्रीमियम ₹20,000, अवधि 10 साल। कवर ₹1,00,000, कुल प्रीमियम ₹40,000 और 8% पर अनुमानित फंड लगभग ₹54,020 (4% पर ₹37,705)।
सुझाव: प्रीमियम की तुलना में लाइफ कवर बड़ा होने से प्रीमियम बंद होने के बाद भी मोर्टैलिटी चार्ज फंड को घटाते रहते हैं, खासकर ज़्यादा उम्र में। रखने या सरेंडर करने से पहले ताज़ा यूनिट स्टेटमेंट देखें।
GST: 22 सितंबर 2025 से ULIP के चार्ज पर GST नहीं लगता। पहले GST (और जुलाई 2017 से पहले सर्विस टैक्स) चार्ज पर लगता था, निवेश की राशि पर नहीं।
मृत्यु लाभ
अवधि में बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नॉमिनी को बीमा राशि या फंड वैल्यू, जो ज़्यादा हो, मिलती है। मृत्यु से पहले के दो साल में की गई आंशिक निकासी जितनी राशि से बीमा राशि घटती है। एक्सीडेंट बेनिफिट राइडर लिया हो तो दुर्घटना से मृत्यु पर उसका अलग कवर भी मिलता है।
मैच्योरिटी लाभ
अवधि के अंत में फंड वैल्यू मिलती है: यूनिट की संख्या × मैच्योरिटी तारीख का NAV। कुछ भी गारंटीड नहीं है और बोनस नहीं है।
आंशिक निकासी, सरेंडर और लैप्स
- आंशिक निकासी: तीसरी पॉलिसी वर्षगांठ के बाद, न्यूनतम बैलेंस (लगभग ₹10,000) रखते हुए। नाबालिग बीमित के लिए 18 साल की उम्र के बाद ही।
- सरेंडर: तीन पॉलिसी वर्ष बाद संभव, फंड वैल्यू मिलती है।
- लैप्स: शुरुआती प्रीमियम छूटने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है। फंड बहुत कम (लगभग ₹5,000) रह जाए तो पॉलिसी खत्म की जा सकती है।
- लोन: उपलब्ध नहीं।
टैक्स लाभ
पुरानी टैक्स व्यवस्था में प्रीमियम पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123 (पहले धारा 80C) की छूट मिलती है। इस दौर की पॉलिसियों में मैच्योरिटी और डेथ क्लेम आम तौर पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 11 व अनुसूची II (पहले धारा 10(10D)) के तहत टैक्स-फ्री हैं।
पॉलिसी रखें या बाहर निकलें?
अगर प्रीमियम पहले ही भरे जा चुके हैं तो रखने की लागत सिर्फ चालू चार्ज हैं। बाकी अवधि में साधारण म्यूचुअल फंड या FD से मिलने वाली राशि से अपनी मौजूदा फंड वैल्यू की तुलना करें। यह भी सोचें कि क्या अब भी लाइफ कवर की ज़रूरत है। मौजूदा LIC यूनिट-लिंक्ड विकल्प के लिए SIIP 752 देखें। दूसरी राशियाँ आज़माने के लिए LIC ULIP कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
LIC फॉर्च्यून प्लस प्लान 187 क्या है?
यह यूनिट-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग बीमा प्लान है, जिसे LIC ने 23 अगस्त 2007 को शुरू किया। चार्ज कटने के बाद प्रीमियम से चुने हुए फंड के यूनिट खरीदे जाते हैं। प्रीमियम सिर्फ पाँच साल भरना होता है और अवधि के अंत में फंड वैल्यू मिलती है।
फॉर्च्यून प्लस 187 में प्रीमियम का ढांचा कैसा है?
पहले साल का प्रीमियम 2 से 5 साल के सालाना प्रीमियम का चार गुना होता है। ₹40,000 पहले साल पर अगले चार साल ₹10,000 सालाना, यानी कुल ₹80,000। पहले साल का न्यूनतम प्रीमियम ₹20,000 है।
बीमा राशि कैसे तय होती है?
बीमा राशि पहले साल के प्रीमियम का 5 गुना या आधी पॉलिसी अवधि × पहले साल का प्रीमियम, जो ज़्यादा हो, और इसे अगले ₹5,000 तक राउंड किया जाता है। ₹40,000 और 15 साल पर यह ₹3,00,000 है।
फॉर्च्यून प्लस 187 में मृत्यु लाभ क्या है?
नॉमिनी को बीमा राशि या फंड वैल्यू, जो ज़्यादा हो, मिलती है। मृत्यु से पहले के दो साल में की गई आंशिक निकासी जितनी राशि से बीमा राशि घट जाती है।
क्या LIC फॉर्च्यून प्लस पर लोन मिलता है?
नहीं। इस प्लान में लोन की सुविधा नहीं है। तीसरी पॉलिसी वर्षगांठ के बाद पर्याप्त फंड बचा हो तो आंशिक निकासी की जा सकती है, या तीन साल बाद पॉलिसी सरेंडर की जा सकती है।
क्या LIC फॉर्च्यून प्लस 187 अब भी बिकता है?
नहीं। यह पुराना ULIP है और नए खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है। बंद होने की तारीख अलग-अलग स्रोतों में अलग है, इसलिए हम कोई तारीख नहीं दे रहे। मौजूदा पॉलिसियाँ पुरानी शर्तों पर चलती हैं।
अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।