LIC FD कैलकुलेटर: LIC हाउसिंग फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉज़िट पर ब्याज और मैच्योरिटी राशि

वित्तीय टूलअपडेट:
संक्षिप्त उत्तर

LIC FD कैलकुलेटर LIC हाउसिंग फाइनेंस (सांचय पब्लिक डिपॉज़िट) की FD पर ब्याज और मैच्योरिटी राशि बताता है। 19 जून 2025 से लागू दरों पर ₹1 लाख, 3 साल, 6.85% क्यूम्युलेटिव FD लगभग ₹1,21,990 बनती है। वरिष्ठ नागरिकों को 0.25% ज़्यादा ब्याज मिलता है, और ब्याज क्यूम्युलेटिव, सालाना या मासिक लिया जा सकता है।

कैलकुलेटर

LIC HFL फिक्स्ड डिपॉज़िट कैलकुलेटर

₹1 लाख
जमाकर्ता का प्रकार
ब्याज भुगतान

अगर LIC HFL ने दरें बदली हैं या किसी दूसरी FD से तुलना करनी है तो इसे चालू करें।

आपका अनुमान

मैच्योरिटी वैल्यू₹1,21,990₹1.22 लाख
कुल ब्याज₹21,990
ब्याज दर (% सालाना)
6.85%
कुल निवेश
₹1,00,000
प्रभावी सालाना रिटर्न
6.85%
अवधि (महीने)
36
  • कुल निवेश₹1,00,00082%
  • कुल ब्याज₹21,99018%
साल-दर-साल बढ़त (आख़िरी पंक्ति अधूरा साल हो सकती है)
वर्षशुरुआती राशिब्याजअंतिम राशि
1₹1,00,000₹6,850₹1,06,850
2₹1,06,850₹7,319₹1,14,169
3₹1,14,169₹7,821₹1,21,990

22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।

LIC FD कैलकुलेटर क्या करता है?

लोग जब “LIC FD” कहते हैं, तो आम तौर पर उनका मतलब LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LIC HFL) की सांचय पब्लिक डिपॉज़िट स्कीम से होता है। आप एक तय अवधि के लिए एकमुश्त रकम जमा करते हैं और उस पर तय दर से ब्याज पाते हैं।

यह LIC FD कैलकुलेटर कुछ सेकंड में बताता है:

  • क्यूम्युलेटिव FD की मैच्योरिटी राशि;
  • ब्याज भुगतान वाली FD पर मासिक या सालाना ब्याज;
  • पूरी अवधि का कुल ब्याज;
  • प्रभावी सालाना रिटर्न;
  • शुरुआती राशि, ब्याज और अंतिम राशि की साल-दर-साल तालिका।

अवधि और जमाकर्ता के प्रकार के हिसाब से दर अपने आप LIC HFL कार्ड से ली जाती है। कंपनी दरें बदल दे, तो “अपनी ब्याज दर डालें” चालू करके नई दर लिख सकते हैं।

कैलकुलेटर में इस्तेमाल LIC HFL FD ब्याज दरें

ये कार्ड दरें 19 जून 2025 से लागू थीं:

अवधि सामान्य जमाकर्ता वरिष्ठ नागरिक
1 साल 6.70% 6.95%
15 महीने 6.75% 7.00%
18 महीने 6.75% 7.00%
2 साल 6.80% 7.05%
3 साल 6.85% 7.10%
4 साल 6.90% 7.15%
5 साल 6.90% 7.15%

वरिष्ठ नागरिकों को हर साल 0.25% अतिरिक्त ब्याज मिलता है। जमा दरें बाज़ार के साथ बदलती हैं, इसलिए निवेश से पहले LIC HFL का ताज़ा रेट कार्ड ज़रूर देखें।

गणना कैसे होती है

क्यूम्युलेटिव FD। हर साल के अंत में ब्याज मूल रकम में जुड़ता है और उस पर भी ब्याज मिलता है। फॉर्मूला:

मैच्योरिटी = जमा राशि × (1 + दर)^साल

15 या 18 महीने की FD में यही फॉर्मूला 1.25 या 1.5 साल के लिए चलता है।

नॉन-क्यूम्युलेटिव FD। ब्याज आपको मिलता रहता है, जुड़ता नहीं। सालाना ब्याज = जमा × दर; मासिक ब्याज उसका बारहवाँ हिस्सा। अवधि पूरी होने पर मूल रकम वापस मिलती है।

कैलकुलेटर न्यूनतम जमा भी जाँचता है: क्यूम्युलेटिव के लिए ₹10,000 और ब्याज भुगतान विकल्प के लिए ₹20,000।

उदाहरण

उदाहरण 1: 3 साल की क्यूम्युलेटिव FD। सामान्य जमाकर्ता ने ₹1,00,000 तीन साल के लिए रखे। 6.85% पर यह ₹1,21,990 हो जाते हैं, यानी ₹21,990 ब्याज।

उदाहरण 2: वरिष्ठ नागरिक की 5 साल की FD। 62 साल के व्यक्ति ने ₹5,00,000 पाँच साल के लिए क्यूम्युलेटिव रखे। 7.15% पर मैच्योरिटी ₹7,06,205 बनती है, यानी ₹2,06,205 ब्याज।

उदाहरण 3: रिटायरमेंट के लिए सालाना आय। एक वरिष्ठ नागरिक ने ₹10,00,000 तीन साल के लिए सालाना ब्याज विकल्प में रखे। 7.10% पर उन्हें हर साल ₹71,000, कुल ₹2,13,000 मिलते हैं, और अंत में ₹10 लाख वापस।

उदाहरण 4: मासिक ब्याज। ₹10,00,000, 3 साल, सामान्य दर 6.85%, मासिक भुगतान पर लगभग ₹5,708 हर महीने मिलते हैं।

सुझाव: अगर नियमित आय की ज़रूरत नहीं है तो क्यूम्युलेटिव चुनें। लंबी अवधि में चक्रवृद्धि का फ़र्क बड़ा होता है: ₹10 लाख, 5 साल, 6.90% पर क्यूम्युलेटिव में ₹3,96,010 ब्याज बनता है, जबकि हर साल ब्याज निकालने पर ₹3,45,000।

नतीजे कैसे पढ़ें

  • मैच्योरिटी वैल्यू (क्यूम्युलेटिव) या सालाना / मासिक ब्याज भुगतान (नॉन-क्यूम्युलेटिव): सबसे ऊपर का मुख्य आंकड़ा।
  • कुल ब्याज: पूरी अवधि में टैक्स से पहले की कमाई।
  • ब्याज दर: लगाई गई कार्ड दर, वरिष्ठ नागरिक की अतिरिक्त दर सहित।
  • प्रभावी सालाना रिटर्न: क्यूम्युलेटिव FD में वह सालाना दर जो वही नतीजा देती है। साल में एक बार चक्रवृद्धि होने से यह कार्ड दर के बराबर रहती है।
  • साल-दर-साल तालिका: रकम कैसे बढ़ती है। 15 या 18 महीने की FD में आख़िरी पंक्ति अधूरे साल की होती है।

सुझाव और आम गलतियाँ

  • टैक्स के बाद तुलना करें। 30% स्लैब में 6.85% की FD टैक्स के बाद लगभग 4.8% देती है। पैसा लॉक करने से पहले टैक्स-फ्री या टैक्स-कुशल विकल्पों से तुलना करें।
  • अवधि को लक्ष्य से मिलाएँ। समय से पहले FD तोड़ने पर ब्याज घटता है। बड़ी रकम को अलग-अलग अवधि की दो-तीन FD में बाँटें।
  • रिन्यूअल पर नज़र रखें। FD पूरी होने पर नई दर अलग हो सकती है। कस्टम दर डालकर देखें कि कितना मिलेगा।
  • याद रखें, यह बैंक FD नहीं है। कंपनी डिपॉज़िट पर DICGC बीमा नहीं मिलता। रेटिंग देखें और सारी बचत एक ही कंपनी में न रखें।
  • फॉर्म 15G/15H तैयार रखें अगर आपकी आय टैक्स सीमा से कम है, ताकि बेवजह TDS न कटे।

LIC FD बनाम LIC बीमा प्लान

FD पूरी तरह बचत का साधन है: पैसा तय दर से बढ़ता है, पर कोई जीवन बीमा नहीं मिलता। एंडोमेंट या मनी बैक जैसे LIC प्लान कवर और बचत दोनों देते हैं, रिटर्न आम तौर पर कम होता है, पर सुरक्षा मिलती है। जीवन भर नियमित आय चाहिए तो बार-बार FD रिन्यू करने की बजाय पेंशन प्लान बेहतर हो सकता है; LIC पेंशन कैलकुलेटर देखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या LIC FD और LIC ऑफ इंडिया में जमा एक ही बात है?

नहीं। जिसे आम तौर पर 'LIC FD' कहा जाता है, वह LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LIC HFL) की पब्लिक डिपॉज़िट स्कीम है, जो LIC समूह की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। LIC ऑफ इंडिया बीमा बेचती है, FD नहीं। यह कंपनी डिपॉज़िट है, बैंक FD नहीं।

LIC HFL FD की मौजूदा ब्याज दरें क्या हैं?

यह कैलकुलेटर 19 जून 2025 से लागू कार्ड दरें इस्तेमाल करता है: 1 साल 6.70%, 15 और 18 महीने 6.75%, 2 साल 6.80%, 3 साल 6.85%, 4 और 5 साल 6.90%। वरिष्ठ नागरिकों को 0.25% ज़्यादा। दरें बदलती रहती हैं, निवेश से पहले ताज़ा कार्ड देख लें।

क्यूम्युलेटिव LIC FD की मैच्योरिटी कैसे निकलती है?

ब्याज साल में एक बार जुड़ता है: मैच्योरिटी = जमा × (1 + दर)^साल। जैसे ₹5 लाख, 5 साल, वरिष्ठ नागरिक दर 7.15% पर लगभग ₹7,06,205 बनते हैं, यानी ₹2,06,205 ब्याज।

क्या LIC FD से हर महीने ब्याज मिल सकता है?

हाँ, नॉन-क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज हर महीने या हर साल खाते में आता है। ₹10 लाख, 3 साल, 6.85% पर इस कैलकुलेटर के अनुसार मासिक ब्याज लगभग ₹5,708 बनता है। मासिक विकल्प में न्यूनतम जमा ज़्यादा हो सकती है।

क्या LIC FD सुरक्षित है?

LIC हाउसिंग फाइनेंस की डिपॉज़िट को ऊँची क्रेडिट रेटिंग मिलती रही है, जो मज़बूत सुरक्षा दिखाती है। फिर भी कंपनी डिपॉज़िट पर बैंक FD वाला DICGC बीमा (₹5 लाख तक) नहीं मिलता। बड़ी रकम को अलग-अलग जगह बाँटकर रखें।

क्या LIC FD का ब्याज टैक्सेबल है?

हाँ। FD का ब्याज आपकी आय में जुड़कर स्लैब के अनुसार टैक्स होता है। सालाना ब्याज सीमा से ऊपर जाए तो TDS कट सकता है। कुल आय टैक्स सीमा से कम हो तो फॉर्म 15G, और वरिष्ठ नागरिक हों तो 15H जमा करें।

क्या LIC FD को समय से पहले तोड़ सकते हैं?

आम तौर पर छोटे लॉक-इन (अक्सर तीन महीने) के बाद प्री-मैच्योर निकासी की अनुमति होती है, लेकिन ब्याज दर घट जाती है। FD तोड़ने की बजाय उस पर लगभग 75% तक लोन भी लिया जा सकता है।

अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।