LIC मैच्योरिटी राशि = बेसिक बीमा राशि + सभी साधारण प्रत्यावर्ती बोनस + फाइनल एडिशनल बोनस, और मनी बैक प्लान में पहले मिली किस्तें घटाकर। ₹5 लाख की 20 साल की पॉलिसी पर ₹45 बोनस दर और ₹100 FAB से कैलकुलेटर ₹10,00,000 दिखाता है: ₹4,50,000 बोनस, ₹50,000 FAB और बीमा राशि। ₹25,000 सालाना प्रीमियम पर रिटर्न लगभग 6.2% सालाना बैठता है।
LIC पॉलिसी मैच्योरिटी वैल्यू कैलकुलेटर
आपका अनुमान
- प्रत्यावर्ती बोनस (पूरी अवधि)
- ₹4,50,000
- फाइनल एडिशनल बोनस
- ₹50,000
- हर साल जुड़ने वाला बोनस
- ₹22,500
- कुल भुगतान प्रीमियम
- ₹5,00,000
- शुद्ध लाभ
- ₹5,00,000
- भरे प्रीमियम का कितना गुना वापस
- 2.00×
- अनुमानित रिटर्न (IRR)
- 6.22%
- कुल भुगतान प्रीमियम₹5,00,00050%
- शुद्ध लाभ₹5,00,00050%
साल-दर-साल प्रीमियम और बोनस (अनुमान)
| वर्ष | अब तक भरा प्रीमियम | जमा बोनस | बीमा राशि + बोनस |
|---|---|---|---|
| 1 | ₹25,000 | ₹22,500 | ₹5,22,500 |
| 2 | ₹50,000 | ₹45,000 | ₹5,45,000 |
| 3 | ₹75,000 | ₹67,500 | ₹5,67,500 |
| 4 | ₹1,00,000 | ₹90,000 | ₹5,90,000 |
| 5 | ₹1,25,000 | ₹1,12,500 | ₹6,12,500 |
| 6 | ₹1,50,000 | ₹1,35,000 | ₹6,35,000 |
| 7 | ₹1,75,000 | ₹1,57,500 | ₹6,57,500 |
| 8 | ₹2,00,000 | ₹1,80,000 | ₹6,80,000 |
| 9 | ₹2,25,000 | ₹2,02,500 | ₹7,02,500 |
| 10 | ₹2,50,000 | ₹2,25,000 | ₹7,25,000 |
| 11 | ₹2,75,000 | ₹2,47,500 | ₹7,47,500 |
| 12 | ₹3,00,000 | ₹2,70,000 | ₹7,70,000 |
| 13 | ₹3,25,000 | ₹2,92,500 | ₹7,92,500 |
| 14 | ₹3,50,000 | ₹3,15,000 | ₹8,15,000 |
| 15 | ₹3,75,000 | ₹3,37,500 | ₹8,37,500 |
| 16 | ₹4,00,000 | ₹3,60,000 | ₹8,60,000 |
| 17 | ₹4,25,000 | ₹3,82,500 | ₹8,82,500 |
| 18 | ₹4,50,000 | ₹4,05,000 | ₹9,05,000 |
| 19 | ₹4,75,000 | ₹4,27,500 | ₹9,27,500 |
| 20 | ₹5,00,000 | ₹4,50,000 | ₹9,50,000 |
| 20 ✓ | ₹5,00,000 | ₹5,00,000 | ₹10,00,000 |
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।
LIC मैच्योरिटी कैलकुलेटर क्या है?
जब कोई पारंपरिक LIC पॉलिसी अपनी अवधि पूरी करती है, तो LIC एकमुश्त रकम देता है, जिसे मैच्योरिटी बेनिफिट कहते हैं। विद-प्रॉफिट प्लान (ज़्यादातर एंडोमेंट, मनी बैक और जीवन आनंद जैसे प्लान) में यह रकम सिर्फ़ बीमा राशि नहीं होती। इसमें सालों में जुड़ा हर बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस भी शामिल होता है।
यह कैलकुलेटर किसी भी पुरानी या नई पारंपरिक LIC पॉलिसी के लिए यह रकम निकालता है। प्लान का नाम चुनने की ज़रूरत नहीं। बस पॉलिसी बॉन्ड की जानकारी और बोनस दर डालें, और देखें:
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि;
- कुल बोनस, यानी प्रत्यावर्ती बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस (FAB) अलग-अलग;
- मनी बैक प्लान में पहले मिल चुकी राशि;
- पूरे हुए साल डालने पर अब तक जमा बोनस;
- कुल प्रीमियम, शुद्ध लाभ, कितने गुना वापसी और IRR;
- साल-दर-साल टेबल: भरा प्रीमियम, जमा बोनस और बीमा राशि + बोनस।
नई पॉलिसी लेने से पहले तुलना करने वालों और मौजूदा पॉलिसीधारकों, दोनों के लिए यह काम का है।
मैच्योरिटी राशि का हिसाब कैसे बनता है
हिसाब उसी तरह लगता है जैसे LIC लाभ जोड़ता है:
- सालाना बोनस = बीमा राशि ÷ 1,000 × बोनस दर। LIC का साधारण प्रत्यावर्ती बोनस हर साल एक बार जुड़ता है और चक्रवृद्धि नहीं होता।
- कुल प्रत्यावर्ती बोनस = सालाना बोनस × पॉलिसी अवधि। सीमित प्रीमियम प्लान में प्रीमियम बंद होने के बाद भी, पॉलिसी चालू रहने तक बोनस मिलता रहता है।
- फाइनल एडिशनल बोनस = बीमा राशि ÷ 1,000 × FAB दर। यह एक बार का लॉयल्टी बोनस है, जो क्लेम के समय और आमतौर पर लंबी पॉलिसी पर घोषित होता है।
- मैच्योरिटी राशि = बीमा राशि − पहले मिला मनी बैक + कुल बोनस + FAB।
खर्च की तरफ़ कुल प्रीमियम = सालाना प्रीमियम × प्रीमियम भुगतान अवधि। इसके बाद कैलकुलेटर शुद्ध लाभ और IRR निकालता है। IRR वह सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न है जिससे आपका प्रीमियम मैच्योरिटी राशि में बदलता है। FD या PPF से तुलना के लिए यही सबसे सही पैमाना है।
उदाहरण
उदाहरण 1: सामान्य एंडोमेंट पॉलिसी। बीमा राशि ₹5 लाख, सालाना प्रीमियम ₹25,000, अवधि 20 साल, प्रीमियम भी 20 साल, बोनस ₹45 प्रति ₹1,000, FAB ₹100 प्रति ₹1,000।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| हर साल जुड़ने वाला बोनस | ₹22,500 |
| प्रत्यावर्ती बोनस (20 साल) | ₹4,50,000 |
| फाइनल एडिशनल बोनस | ₹50,000 |
| मैच्योरिटी राशि | ₹10,00,000 |
| कुल भरा प्रीमियम | ₹5,00,000 |
| शुद्ध लाभ | ₹5,00,000 (प्रीमियम का 2.00 गुना) |
| अनुमानित रिटर्न (IRR) | 6.22% सालाना |
उदाहरण 2: सीमित प्रीमियम पॉलिसी, 8 साल पूरे। बीमा राशि ₹10 लाख, 21 साल की अवधि में 15 साल तक ₹52,000 सालाना, बोनस ₹45, FAB ₹150। मैच्योरिटी ₹20,95,000 बनती है, जबकि कुल प्रीमियम ₹7,80,000 है। IRR लगभग 7.0% रहता है। 8 साल पूरे होने पर लगभग ₹3,60,000 बोनस पहले ही जुड़ चुका है और 13 साल बाकी हैं।
उदाहरण 3: मनी बैक प्लान। बीमा राशि ₹5 लाख, 20 साल, 15 साल तक ₹28,000 सालाना, बोनस ₹44, FAB ₹50, और अवधि के दौरान बीमा राशि का 60% वापस। सर्वाइवल बेनिफिट कुल ₹3,00,000 बनते हैं और मैच्योरिटी चेक ₹6,65,000 का होगा। यानी ₹4,20,000 प्रीमियम के बदले कुल ₹9,65,000 मिलेंगे।
सुझाव: लंबी पॉलिसी में FAB का असर बड़ा होता है। अपने प्लान का FAB पता न हो तो एक बार 0 डालकर हिसाब लगाएँ। वही आपकी न्यूनतम योजना-राशि है; LIC जो FAB देगा वह अतिरिक्त होगा।
नतीजे कैसे समझें
- मैच्योरिटी राशि: अवधि के अंत में मिलने वाला अनुमानित चेक। मनी बैक प्लान में इसमें पहले मिली किस्तें शामिल नहीं होतीं।
- कुल प्राप्त राशि (सिर्फ़ मनी बैक): पहले की किस्तें जोड़कर कुल रकम, ताकि कुल प्रीमियम से तुलना हो सके।
- शुद्ध लाभ और “कितने गुना वापस”: बताते हैं कि प्रीमियम कितने गुना लौटा। इनमें पैसे की समय-कीमत नहीं जुड़ी, इसलिए IRR भी देखें।
- IRR: बिना मनी बैक वाले प्लान में दिखता है। पारंपरिक LIC पॉलिसी का IRR अवधि और बोनस के हिसाब से आमतौर पर 4.5% से 6.5% के बीच रहता है।
- साल-दर-साल टेबल: आख़िरी कॉलम (बीमा राशि + जमा बोनस) उस साल के मृत्यु क्लेम का मोटा अंदाज़ा है। कई प्लान मृत्यु पर इससे ज़्यादा देते हैं, जैसे बीमा राशि का 125%, इसलिए इसे न्यूनतम मानें।
आम गलतियाँ
- प्रीमियम को पूरी अवधि से गुणा करना, जबकि प्रीमियम पहले बंद हो जाता है। जीवन लाभ जैसे सीमित प्रीमियम प्लान में अलग प्रीमियम अवधि डालें।
- बोनस को चक्रवृद्धि मानना। LIC बोनस साधारण है; चक्रवृद्धि से मैच्योरिटी बढ़ी हुई दिखेगी।
- हर प्लान पर एक ही बोनस दर लगाना। दरें प्लान और अवधि के हिसाब से अलग होती हैं; 25 साल की पॉलिसी पर आमतौर पर 15 साल वाली से ज़्यादा दर मिलती है।
- मनी बैक किस्तें भूल जाना। मनी बैक प्लान का आख़िरी चेक छोटा होता है क्योंकि बीमा राशि का हिस्सा पहले मिल चुका होता है।
- लैप्स पॉलिसी को चालू पॉलिसी जैसा मानना। पेड-अप पॉलिसी में बीमा राशि घट जाती है और नया बोनस आमतौर पर नहीं जुड़ता।
संबंधित कैलकुलेटर
- LIC बोनस कैलकुलेटर: अपना प्लान चुनें, अवधि के हिसाब से बोनस दर अपने आप भर जाएगी।
- LIC सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर: पॉलिसी बीच में बंद करने पर कितना मिलेगा।
- LIC रिटर्न कैलकुलेटर: अपनी पॉलिसी का रिटर्न दूसरे विकल्पों से तुलना करें।
- न्यू एंडोमेंट प्लान 714: LIC का स्टैंडर्ड एंडोमेंट प्लान, तुलना के लिए अच्छा पैमाना।
ये आँकड़े योजना बनाने के लिए अनुमान हैं। असली मैच्योरिटी LIC की सालाना बोनस घोषणा पर निर्भर करती है। यह एक स्वतंत्र वेबसाइट है, LIC से संबद्ध नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
LIC मैच्योरिटी राशि कैसे निकाली जाती है?
बेसिक बीमा राशि, सभी साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (बीमा राशि ÷ 1,000 × बोनस दर × साल) और फाइनल एडिशनल बोनस को जोड़ें। मनी बैक प्लान में पहले मिले सर्वाइवल बेनिफिट घटा दें। जैसे ₹5 लाख, 20 साल, ₹45 बोनस पर ₹4,50,000 बोनस बनता है; ₹50,000 FAB जोड़कर मैच्योरिटी ₹10,00,000 होती है।
क्या LIC मैच्योरिटी राशि गारंटीड होती है?
सिर्फ़ बीमा राशि और अब तक घोषित बोनस गारंटीड हैं। आगे के सालों की बोनस दर और फाइनल एडिशनल बोनस LIC की सालाना घोषणा पर निर्भर हैं, इसलिए भविष्य की मैच्योरिटी हमेशा अनुमान होती है। योजना बनाते समय थोड़ी कम बोनस दर पर हिसाब लगाना सुरक्षित रहता है।
अपनी पॉलिसी की बोनस दर कहाँ देखें?
LIC हर वित्त वर्ष के बाद प्लान और अवधि के हिसाब से बोनस दरें जारी करता है। LIC कस्टमर पोर्टल या ऐप पर पॉलिसी स्टेटस में, या सालाना बोनस स्टेटमेंट में अब तक जुड़ा बोनस दिखता है। ज़्यादातर विद-प्रॉफिट प्लान में हाल में ₹35 से ₹50 प्रति ₹1,000 की दर रही है।
क्या LIC मैच्योरिटी राशि पर टैक्स लगता है?
आमतौर पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 11 व अनुसूची II (पहले धारा 10(10D)) के तहत छूट मिलती है, अगर सालाना प्रीमियम बीमा राशि के 10% के भीतर हो (अप्रैल 2003 से मार्च 2012 के बीच की पॉलिसी में 20%)। 1 अप्रैल 2023 से जारी पॉलिसी में कुल सालाना प्रीमियम ₹5 लाख से ज़्यादा हो तो लाभ पर टैक्स लगता है।
मैच्योरिटी वैल्यू और सरेंडर वैल्यू में क्या फ़र्क है?
मैच्योरिटी वैल्यू तब मिलती है जब पॉलिसी पूरी अवधि तक सभी प्रीमियम के साथ चले। सरेंडर वैल्यू पॉलिसी बीच में बंद करने पर मिलती है, जो प्रीमियम और बोनस का एक हिस्सा भर होती है। शुरुआती सालों में यह मैच्योरिटी से बहुत कम होती है।
मनी बैक प्लान में मैच्योरिटी कैसे मिलती है?
मनी बैक प्लान में बीमा राशि का कुछ हिस्सा अवधि के दौरान तय अंतराल पर मिल जाता है, जैसे हर कुछ साल पर 15%। मैच्योरिटी पर बची हुई बीमा राशि के साथ पूरा बोनस और FAB मिलता है। पहले मिला प्रतिशत डालें, कैलकुलेटर मैच्योरिटी और कुल प्राप्त राशि दोनों दिखाएगा।
क्या पेड-अप पॉलिसी पर बोनस मिलता है?
पेड-अप पॉलिसी में पहले से जुड़ा बोनस बना रहता है, पर नया प्रत्यावर्ती बोनस आमतौर पर नहीं जुड़ता। साथ ही बीमा राशि भी भरे गए प्रीमियम के अनुपात में घट जाती है, इसलिए उसकी मैच्योरिटी पूरी चली पॉलिसी से काफ़ी कम होती है।
अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।