LIC मार्केट प्लस (प्लान 181) एक यूनिट-लिंक्ड डेफर्ड पेंशन प्लान है, जो 5 जुलाई 2006 को लॉन्च हुआ और अब नहीं बिकता। प्रीमियम से फंड यूनिट खरीदी जाती हैं; वेस्टिंग पर एक-तिहाई तक नकद और बाकी से पेंशन मिलती है। हमारे कैलकुलेटर में ₹50,000 सालाना, 20 साल और 8% अनुमानित रिटर्न पर फंड लगभग ₹20.97 लाख बनता है, यानी करीब ₹7,574 मासिक पेंशन।
मार्केट प्लस 181 फंड वैल्यू और पेंशन कैलकुलेटर
आपका अनुमान
वेस्टिंग पर
फंड के 2/3 हिस्से से, 6.5% मानी गई एन्युटी दर पर
- प्रति किस्त प्रीमियम
- ₹50,000
- कुल भुगतान प्रीमियम
- ₹10,00,000
- कुल कटे चार्ज
- ₹1,92,637
- वेस्टिंग पर एकमुश्त राशि (1/3 तक)
- ₹6,99,129
- वार्षिक पेंशन
- ₹90,887
- मृत्यु लाभआखिरी साल में: फंड वैल्यू + बीमा राशि
- ₹25,97,386
- अनुमानित रिटर्न (IRR)
- 6.62%
- वेस्टिंग आयु
- 55 वर्ष
- कुल भुगतान प्रीमियम₹10,00,00048%
- शुद्ध लाभ₹10,97,38652%
साल-दर-साल फंड वैल्यू का अनुमान
| वर्ष | आयु | भरा गया प्रीमियम | अनुमानित फंड वैल्यू | मृत्यु लाभ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 36 | ₹50,000 | ₹43,198 | ₹5,43,198 |
| 2 | 37 | ₹50,000 | ₹97,493 | ₹5,97,493 |
| 3 | 38 | ₹50,000 | ₹1,55,668 | ₹6,55,668 |
| 4 | 39 | ₹50,000 | ₹2,18,004 | ₹7,18,004 |
| 5 | 40 | ₹50,000 | ₹2,84,801 | ₹7,84,801 |
| 6 | 41 | ₹50,000 | ₹3,56,384 | ₹8,56,384 |
| 7 | 42 | ₹50,000 | ₹4,33,044 | ₹9,33,044 |
| 8 | 43 | ₹50,000 | ₹5,15,151 | ₹10,15,151 |
| 9 | 44 | ₹50,000 | ₹6,03,099 | ₹11,03,099 |
| 10 | 45 | ₹50,000 | ₹6,97,310 | ₹11,97,310 |
| 11 | 46 | ₹50,000 | ₹7,98,238 | ₹12,98,238 |
| 12 | 47 | ₹50,000 | ₹9,06,307 | ₹14,06,307 |
| 13 | 48 | ₹50,000 | ₹10,22,032 | ₹15,22,032 |
| 14 | 49 | ₹50,000 | ₹11,45,968 | ₹16,45,968 |
| 15 | 50 | ₹50,000 | ₹12,78,711 | ₹17,78,711 |
| 16 | 51 | ₹50,000 | ₹14,20,899 | ₹19,20,899 |
| 17 | 52 | ₹50,000 | ₹15,73,107 | ₹20,73,107 |
| 18 | 53 | ₹50,000 | ₹17,36,063 | ₹22,36,063 |
| 19 | 54 | ₹50,000 | ₹19,10,544 | ₹24,10,544 |
| 20 | 55 | ₹50,000 | ₹20,97,386 | ₹25,97,386 |
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।
LIC मार्केट प्लस प्लान 181 क्या है?
LIC मार्केट प्लस (प्लान 181) एक यूनिट-लिंक्ड डेफर्ड पेंशन प्लान है। चार्ज कटने के बाद आपका प्रीमियम आपके चुने फंड की यूनिट खरीदता है। ये यूनिट वेस्टिंग तारीख तक बाज़ार के साथ बढ़ती हैं, और फिर यही पैसा रिटायरमेंट की आमदनी में बदलता है।
LIC ने मार्केट प्लस 5 जुलाई 2006 को लॉन्च किया था। बाद में इसकी जगह जून 2008 में मार्केट प्लस I (प्लान 191) आया और अब यह प्लान नहीं बिकता। अगर आपके पास मार्केट प्लस 181 पॉलिसी है, तो यह कैलकुलेटर वेस्टिंग पर फंड वैल्यू और उससे मिलने वाली पेंशन का अनुमान देता है।
मार्केट प्लस 181 एक नज़र में
| विशेषता | जानकारी |
|---|---|
| प्लान नंबर | 181 |
| प्लान का प्रकार | यूनिट-लिंक्ड डेफर्ड पेंशन प्लान |
| प्रवेश आयु | बिना लाइफ कवर 18 से 70; लाइफ कवर के साथ 18 से 65 |
| वेस्टिंग आयु | 40 से 75 वर्ष |
| न्यूनतम डेफरमेंट | 5 वर्ष |
| प्रीमियम | नियमित (वार्षिक, अर्धवार्षिक, तिमाही) या सिंगल |
| न्यूनतम प्रीमियम | ₹5,000 सालाना (नियमित); ₹10,000 (सिंगल) |
| लाइफ कवर | वैकल्पिक; सालाना प्रीमियम के 20 गुना तक (नियमित) |
| फंड | बॉन्ड, सिक्योर्ड, बैलेंस्ड, ग्रोथ |
| लोन | उपलब्ध नहीं |
| स्थिति | बंद |
फंड वैल्यू का अनुमान कैसे लगता है
कैलकुलेटर हर साल का हिसाब इस तरह करता है:
- हर प्रीमियम से एलोकेशन चार्ज कटता है: पहले साल 16.5% और दूसरे साल से 2.5% (सिंगल प्रीमियम पर 3.3%)।
- एडमिन चार्ज पहले साल ₹60 मासिक और उसके बाद ₹20 मासिक कटता है (नियमित प्रीमियम)।
- लाइफ कवर लिया हो तो उम्र और बीमा राशि के हिसाब से मॉर्टैलिटी चार्ज कटता है।
- बाकी रकम आपके अनुमानित रिटर्न से बढ़ती है, जिसमें से फंड मैनेजमेंट चार्ज (फंड के अनुसार 0.5% से 0.8%) घटता है।
उदाहरण 1: 35 साल का व्यक्ति 20 साल तक ₹50,000 सालाना बैलेंस्ड फंड में लगाता है, प्रीमियम के 10 गुना (₹5 लाख) लाइफ कवर के साथ। 8% अनुमानित रिटर्न पर 55 की उम्र में फंड लगभग ₹20,97,386 बनता है। कुल प्रीमियम ₹10 लाख है और चार्ज लगभग ₹1,92,637 कटते हैं, यानी करीब 6.62% सालाना रिटर्न।
उदाहरण 2: 45 साल का व्यक्ति बिना लाइफ कवर के ₹2 लाख का सिंगल प्रीमियम 15 साल के लिए लगाता है। 60 की उम्र तक फंड लगभग ₹5,52,143 बनता है, यानी करीब 7% सालाना।
सुझाव: रिटर्न वाले खाने में 4%, 8% और 12% डालकर देखें। यूलिप का रिटर्न गारंटीड नहीं होता, इसलिए एक आंकड़े की जगह एक दायरा देखना ज़्यादा सही है।
वेस्टिंग लाभ
वेस्टिंग पर पूरी फंड वैल्यू मिलती है और आप:
- एक-तिहाई तक एकमुश्त ले सकते हैं। उदाहरण 1 में यह लगभग ₹6,99,129 है।
- बाकी दो-तिहाई से एन्युटी खरीदते हैं। 6.5% मानी गई दर पर उदाहरण 1 में लगभग ₹90,887 सालाना या ₹7,574 मासिक।
- दूसरी बीमा कंपनी से भी पेंशन ले सकते हैं, अगर वेस्टिंग से कम से कम छह महीने पहले LIC को बता दें।
मृत्यु लाभ
- लाइफ कवर के साथ: बीमा राशि और फंड वैल्यू। उदाहरण 1 में आखिरी साल में लगभग ₹25,97,386।
- बिना लाइफ कवर: सिर्फ फंड वैल्यू।
- तीन साल के प्रीमियम से पहले लैप्स: मृत्यु की सूचना की तारीख की फंड वैल्यू।
नॉमिनी यह रकम एकमुश्त या पेंशन के रूप में ले सकता है। एक्सीडेंट बेनिफिट राइडर लगभग ₹0.50 प्रति ₹1,000 सालाना पर मिलता था।
चार्ज और टैक्स
हमारे अनुमान में चार्ज पर GST नहीं जोड़ा गया है, क्योंकि 22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियाँ GST से मुक्त हैं। पहले के सालों में चार्ज पर सर्विस टैक्स और फिर GST कटता था, इसलिए असली फंड वैल्यू थोड़ी कम हो सकती है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था में प्रीमियम पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123 (पहले धारा 80CCC) (पेंशन प्लान) के तहत छूट मिलती थी। एक-तिहाई कम्यूटेशन आम तौर पर टैक्स फ्री है, जबकि पेंशन आय के रूप में टैक्सेबल है।
मार्केट प्लस 181 और मार्केट प्लस I 191 में अंतर
जून 2008 में आए मार्केट प्लस I में सोच वही रही, पर नियम बदले। बड़े प्रीमियम पर पहले साल का एलोकेशन चार्ज कम हुआ, नियमित प्रीमियम के लिए न्यूनतम 10 साल डेफरमेंट ज़रूरी हुआ, सिंगल प्रीमियम की न्यूनतम सीमा ₹30,000 हुई और बिना लाइफ कवर के वेस्टिंग 85 साल तक संभव हुई। आज के पेंशन यूलिप के लिए LIC न्यू पेंशन प्लस (प्लान 867) देखें, या LIC यूलिप कैलकुलेटर से तुलना करें।
इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
- नियमित या सिंगल प्रीमियम चुनें और उम्र डालें।
- प्रीमियम और डेफरमेंट अवधि डालें।
- फंड और अनुमानित रिटर्न चुनें।
- लाइफ कवर का विकल्प चुनें।
- फंड वैल्यू, एकमुश्त राशि, पेंशन अनुमान और सालाना तालिका देखें। ये आंकड़े उदाहरण हैं, गारंटीड नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या LIC मार्केट प्लस 181 अब खरीदा जा सकता है?
नहीं। मार्केट प्लस 181 नए ग्राहकों के लिए बंद है। LIC ने जून 2008 में इसकी जगह मार्केट प्लस I (प्लान 191) लॉन्च किया। मौजूदा पॉलिसियाँ वेस्टिंग तक अपनी मूल शर्तों पर चलती हैं।
मार्केट प्लस 181 में वेस्टिंग पर क्या मिलता है?
आपको पूरी फंड वैल्यू मिलती है। इसमें से एक-तिहाई तक एकमुश्त ले सकते हैं और बाकी से पेंशन खरीदनी होती है, LIC से या किसी दूसरी बीमा कंपनी से, बशर्ते वेस्टिंग से कम से कम छह महीने पहले LIC को बताएँ।
मार्केट प्लस 181 में मृत्यु लाभ क्या है?
लाइफ कवर वाली पॉलिसी में नॉमिनी को बीमा राशि और फंड वैल्यू दोनों मिलते हैं। बिना लाइफ कवर के सिर्फ फंड वैल्यू मिलती है। तीन साल का प्रीमियम भरे बिना पॉलिसी लैप्स हो गई हो तो मृत्यु की सूचना की तारीख की फंड वैल्यू मिलती है।
मार्केट प्लस 181 में कौन-कौन से चार्ज लगते हैं?
प्रीमियम एलोकेशन चार्ज (हमारे मॉडल में पहले साल लगभग 16.5% और बाद में 2.5%), पॉलिसी एडमिन चार्ज (पहले साल ₹60 मासिक, फिर ₹20 मासिक), फंड मैनेजमेंट चार्ज और लाइफ कवर होने पर मॉर्टैलिटी चार्ज।
क्या मार्केट प्लस 181 पर लोन मिलता है?
नहीं, इस प्लान में पॉलिसी लोन की सुविधा नहीं है। वेस्टिंग से पहले पैसा चाहिए तो सिर्फ सरेंडर का रास्ता है, जो प्लान की लॉक-इन शर्तों के अधीन है।
मार्केट प्लस 181 से कितनी पेंशन मिल सकती है?
यह वेस्टिंग के समय फंड वैल्यू और एन्युटी दर पर निर्भर है। हमारे कैलकुलेटर में 35 की उम्र से 20 साल तक ₹50,000 सालाना लगाने पर लगभग ₹20.97 लाख बनते हैं। इसके दो-तिहाई पर 6.5% मानी गई दर से लगभग ₹7,574 मासिक पेंशन बनती है।
अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।