LIC जीवन लाभ 836 जीवन लाभ का पहला वर्ज़न था: सीमित प्रीमियम, विद-प्रॉफिट एंडोमेंट प्लान, जिसमें 16, 21 या 25 साल की अवधि और 10, 15 या 16 साल का प्रीमियम होता है। नई बिक्री बंद है, पर पुरानी पॉलिसियाँ मैच्योरिटी तक चलेंगी। 30 साल की उम्र, ₹10 लाख कवर और 21 साल के लिए हमारा कैलकुलेटर लगभग ₹42,140 सालाना बताता है; 22 सितंबर 2025 से इस पर GST नहीं है।
जीवन लाभ 836 प्रीमियम और मैच्योरिटी कैलकुलेटर
आपका अनुमान
- प्रति किस्त प्रीमियम
- ₹21,193
- प्रीमियम भुगतान अवधि
- 15 वर्ष
- कुल भुगतान प्रीमियम
- ₹3,17,895
- कुल बोनस (अनुमानित)
- ₹4,93,500
- फाइनल एडिशनल बोनस
- ₹50,000
- मृत्यु पर बीमा राशिसाथ में अर्जित बोनस; कभी ₹3,33,790 (प्रीमियम का 105%) से कम नहीं
- ₹5,00,000
- मैच्योरिटी पर आयु
- 51 वर्ष
- कुल भुगतान प्रीमियम₹3,17,89530%
- शुद्ध लाभ₹7,25,60570%
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।
LIC जीवन लाभ प्लान 836 क्या है?
LIC जीवन लाभ प्लान 836 (UIN 512N304V01) जीवन लाभ का मूल वर्ज़न है। यह एक नॉन-लिंक्ड, विद-प्रॉफिट, सीमित प्रीमियम एंडोमेंट प्लान है, यानी प्रीमियम पॉलिसी अवधि से कम साल भरना होता है और पॉलिसी को हर साल LIC के मुनाफ़े से बोनस मिलता है।
यह प्लान अब बंद (withdrawn) है। फरवरी 2020 में इसकी जगह जीवन लाभ 936 आया और अक्टूबर 2024 में 936 की जगह जीवन लाभ 736 आ गया। अगर आपके पास 836 पॉलिसी है तो आपके लिए कुछ नहीं बदला: प्रीमियम, कवर और बोनस बॉन्ड में लिखी शर्तों के अनुसार ही चलेंगे। यह पेज आपको अंदाज़ा देता है कि पॉलिसी से कितना मिलेगा।
जीवन लाभ 836 एक नज़र में
| विशेषता | जानकारी |
|---|---|
| प्लान नंबर / UIN | 836 / 512N304V01 |
| पॉलिसी अवधि | 16, 21 या 25 वर्ष |
| प्रीमियम भुगतान अवधि | 10, 15 या 16 वर्ष |
| प्रवेश आयु | 8 से 59 वर्ष (अवधि के अनुसार) |
| अधिकतम मैच्योरिटी आयु | 75 वर्ष |
| न्यूनतम बीमा राशि | ₹2,00,000 (अधिकतम सीमा नहीं) |
| ग्रेस पीरियड | 15 दिन (मासिक), 30 दिन (बाकी मोड) |
| लोन और सरेंडर | 3 पूरे साल के प्रीमियम के बाद |
| स्थिति | बंद; पुरानी पॉलिसियाँ जारी |
प्रीमियम कैसे तय हुआ था
प्रीमियम प्रति ₹1,000 बीमा राशि की एक दर पर आधारित है, जो उम्र और अवधि से बदलती है। इसमें हाई सम एश्योर्ड रिबेट (₹5 लाख से ₹1.25, ₹10 लाख से ₹1.50 और ₹15 लाख से ₹1.75 प्रति हज़ार) और मोड रिबेट (वार्षिक पर 2%, छमाही पर 1%) घटाया जाता है।
उदाहरण: 30 साल की उम्र, ₹10 लाख कवर और 21 साल की अवधि पर कैलकुलेटर लगभग ₹42,140 सालाना दिखाता है, जो 15 साल भरना है; कुल ₹6,32,100। 22 सितंबर 2025 से इस प्रीमियम पर GST नहीं लगता; उससे पहले की रसीदों में 2.25% GST जुड़कर यह करीब ₹43,088 दिखेगा। आपके बॉन्ड का असली प्रीमियम थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए अपनी जानकारी डालकर देखें।
मैच्योरिटी लाभ
अवधि पूरी होने पर LIC देता है: बेसिक बीमा राशि + साधारण प्रत्यावर्ती बोनस + फाइनल एडिशनल बोनस (अगर घोषित हो)।
ऊपर के उदाहरण में ₹47 प्रति हज़ार बोनस से 21 साल में करीब ₹9,87,000 जुड़ते हैं। ₹1,00,000 का अनुमानित फाइनल बोनस जोड़ें तो मैच्योरिटी लगभग ₹20,87,000 बनती है।
दूसरा उदाहरण: 25 साल की उम्र में ₹5 लाख कवर, 25 साल की अवधि। प्रीमियम करीब ₹19,233 सालाना, 16 साल तक (कुल ₹3,07,728)। ₹50 बोनस दर और ₹2,25,000 के अनुमानित फाइनल बोनस के साथ मैच्योरिटी लगभग ₹13,50,000 होती है।
सलाह: LIC हर साल जो बोनस स्टेटमेंट भेजता है, उसमें अब तक जुड़ा बोनस लिखा होता है। उस आंकड़े से मिलान करके देखें कि कैलकुलेटर का अनुमान आपकी पॉलिसी के कितना करीब है।
मृत्यु लाभ
पॉलिसी अवधि में मृत्यु होने पर नॉमिनी को मृत्यु पर बीमा राशि मिलती है, जो बेसिक बीमा राशि और सालाना प्रीमियम के 10 गुना में से ज़्यादा होती है। इसके साथ सारे जुड़े बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस भी मिलते हैं। कुल रकम भरे प्रीमियम के 105% से कम नहीं होती। यही 10 गुना वाला नियम 836 को बाद के वर्ज़न से अलग करता है, जिनमें 7 गुना है।
लोन, सरेंडर और पेड-अप वैल्यू
तीन पूरे साल का प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी में सरेंडर वैल्यू बनती है और उस पर लोन लिया जा सकता है। इसके बाद प्रीमियम बंद करने पर पॉलिसी घटी हुई बीमा राशि के साथ पेड-अप हो जाती है और पहले जुड़े बोनस बने रहते हैं। सरेंडर से पहले हमारे LIC सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर से रकम का अंदाज़ा लगाएँ। मैच्योरिटी के करीब पहुँची पॉलिसी को जारी रखना लगभग हमेशा बेहतर होता है।
टैक्स लाभ
पुरानी टैक्स व्यवस्था में प्रीमियम पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123 (पहले धारा 80C) की छूट मिलती है। 836 पॉलिसियाँ अप्रैल 2023 से काफ़ी पहले जारी हुई थीं, इसलिए ₹5 लाख प्रीमियम वाली सीमा इन पर लागू नहीं होती। तय शर्तें पूरी होने पर मैच्योरिटी आम तौर पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 11 व अनुसूची II (पहले धारा 10(10D)) में टैक्स फ्री है।
जीवन लाभ 836, 936 और 736 में अंतर
तीनों की अवधि, प्रीमियम भुगतान अवधि और 75 साल की मैच्योरिटी सीमा एक जैसी है। 836 की खास बात डेथ कवर में सालाना प्रीमियम का 10 गुना वाला नियम है। 936 में यह 7 गुना हुआ, और मौजूदा वर्ज़न 736 नई प्रीमियम दरें और सरेंडर नियम लेकर आया। नए ग्राहक 736 देखें; 836 के पुराने पॉलिसीधारक बस प्रीमियम अवधि पूरी होने तक भुगतान जारी रखें।
कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
पॉलिसी लेते समय की उम्र, बॉन्ड में लिखी अवधि और बीमा राशि, और अपना प्रीमियम मोड डालें। हाल में LIC द्वारा घोषित दरों के हिसाब से बोनस दर बदलें। नतीजों में प्रीमियम, मैच्योरिटी का अनुमान और मृत्यु लाभ दिखेगा। सभी आंकड़े अनुमानित हैं; 22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या LIC जीवन लाभ 836 अब भी मिलता है?
नहीं। फरवरी 2020 में प्लान 836 की जगह जीवन लाभ 936 आया और अब 936 की जगह प्लान 736 बिक रहा है। पुरानी 836 पॉलिसियों पर कोई असर नहीं है, वे पूरे कवर और बोनस के साथ मैच्योरिटी तक चलेंगी।
जीवन लाभ 836 की मैच्योरिटी राशि कैसे निकालें?
मैच्योरिटी = बेसिक बीमा राशि + सारे साधारण प्रत्यावर्ती बोनस + घोषित होने पर फाइनल एडिशनल बोनस। ₹10 लाख, 21 साल और ₹47 प्रति हज़ार बोनस पर लगभग ₹9.87 लाख बोनस बनता है। ₹1 लाख फाइनल बोनस मानें तो कुल करीब ₹20.87 लाख।
जीवन लाभ 836 में मृत्यु लाभ कितना है?
नॉमिनी को मृत्यु पर बीमा राशि, जुड़े हुए बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस (अगर हो) मिलते हैं। मृत्यु पर बीमा राशि, बेसिक बीमा राशि या सालाना प्रीमियम का 10 गुना, जो ज़्यादा हो, होती है। कुल भुगतान भरे प्रीमियम के 105% से कम नहीं होता।
जीवन लाभ 836 पर लोन कब मिलता है?
कम से कम तीन पूरे साल का प्रीमियम भरने के बाद, उस समय की सरेंडर वैल्यू के एक हिस्से के बराबर लोन मिल सकता है। सरेंडर के लिए भी यही तीन साल का नियम है।
जीवन लाभ 836 में ग्रेस पीरियड कितना है?
मासिक प्रीमियम के लिए 15 दिन और वार्षिक, छमाही या तिमाही प्रीमियम के लिए 30 दिन। इस अवधि में प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो जाती है और उसे रिवाइव कराना पड़ता है।
क्या जीवन लाभ 836 पॉलिसी सरेंडर कर देनी चाहिए?
अगर प्रीमियम भुगतान अवधि पूरी या लगभग पूरी हो चुकी है, तो आम तौर पर नहीं। बिना प्रीमियम के कवर और बोनस चलते रहते हैं और सरेंडर वैल्यू मैच्योरिटी से काफ़ी कम होती है। पहले दोनों रकमों की तुलना करें।
अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।