LIC माइक्रो बचत 951 (UIN 512N329V02) एक पार्टिसिपेटिंग माइक्रो इंश्योरेंस एंडोमेंट प्लान है, जो 1 फरवरी 2020 से 1 अक्टूबर 2024 तक बिका। इसमें बिना मेडिकल जांच ₹50,000 से ₹2 लाख का कवर 10 से 15 साल के लिए मिलता था, और मैच्योरिटी पर बीमा राशि व लॉयल्टी एडिशन। 30 साल की उम्र में ₹1 लाख, 15 साल पर प्रीमियम लगभग ₹5,086 सालाना है; छोटे अनुमानित लॉयल्टी एडिशन के साथ अनुमानित मैच्योरिटी ₹1,00,500।
माइक्रो बचत 951 प्रीमियम और मैच्योरिटी कैलकुलेटर
आपका अनुमान
इस माइक्रो बीमा प्लान पर GST नहीं लगता
- प्रति किस्त प्रीमियमइस माइक्रो बीमा प्लान पर GST नहीं लगता
- ₹5,086
- प्रीमियम भुगतान अवधि
- 15 वर्ष
- कुल भुगतान प्रीमियम
- ₹76,290
- लॉयल्टी एडिशन (अनुमान)
- ₹500
- मृत्यु पर बीमा राशि5 साल बाद लॉयल्टी एडिशन (यदि घोषित) अलग से
- ₹1,00,000
- मैच्योरिटी पर आयु
- 45 वर्ष
- अनुमानित रिटर्न (IRR)
- 3.37%
- कुल भुगतान प्रीमियम₹76,29076%
- शुद्ध लाभ₹24,21024%
22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर GST नहीं लगता। आंकड़े सामान्य दरों पर आधारित अनुमान हैं और LIC के आधिकारिक कोटेशन से अलग हो सकते हैं।
LIC माइक्रो बचत प्लान 951 क्या है?
LIC माइक्रो बचत प्लान 951 LIC का माइक्रो इंश्योरेंस बचत प्लान था, जो 1 फरवरी 2020 से 1 अक्टूबर 2024 तक (UIN 512N329V02) बिका। यह नॉन-लिंक्ड और पार्टिसिपेटिंग प्लान है। पॉलिसीधारक 10 से 15 साल की पूरी अवधि छोटा प्रीमियम भरते हैं। अवधि पूरी होने पर उन्हें बीमा राशि और लॉयल्टी एडिशन मिलता है, और बीच में मृत्यु होने पर परिवार सुरक्षित रहता है।
प्लान 951 ने कम समय चले पहले वर्ज़न माइक्रो बचत 851 की जगह ली थी। अक्टूबर 2024 में इसकी जगह माइक्रो बचत 751 आ गया। आपके पास 951 पॉलिसी है, तो आपकी शर्तें नहीं बदलतीं। कैलकुलेटर से देखिए कि आप कितना भरते हैं और कितना वापस मिलने की उम्मीद है।
माइक्रो बचत 951 एक नज़र में
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्लान नंबर / UIN | 951 / 512N329V02 |
| बिक्री | 1 फरवरी 2020 से 1 अक्टूबर 2024 (बंद) |
| प्रवेश आयु | 18 से 55 वर्ष |
| अधिकतम मैच्योरिटी आयु | 70 वर्ष |
| पॉलिसी अवधि = प्रीमियम अवधि | 10 से 15 वर्ष |
| बीमा राशि | ₹50,000 से ₹2,00,000 (₹5,000 के गुणक में) |
| मेडिकल जांच | सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों के लिए नहीं |
| मैच्योरिटी | बीमा राशि + लॉयल्टी एडिशन |
प्रीमियम और उदाहरण
दरें हर ₹1,000 बीमा राशि पर तय हैं और उम्र के साथ धीरे-धीरे ही बढ़ती हैं। वार्षिक भुगतान पर 2% और अर्धवार्षिक पर 1% छूट मिलती है, जबकि मासिक पर 3% लोडिंग लगती है। ₹1.5 लाख और ₹2 लाख के कवर पर छोटी रिबेट मिलती है।
उदाहरण 1: उम्र 30, ₹1 लाख, 15 साल, वार्षिक मोड। प्रीमियम लगभग ₹5,086 सालाना है, यानी कुल ₹76,290। लॉयल्टी एडिशन का अनुमान ₹500 है, इसलिए 45 की उम्र पर मैच्योरिटी करीब ₹1,00,500 बनती है।
उदाहरण 2: उम्र 25, ₹2 लाख, 10 साल, मासिक मोड। किस्त लगभग ₹1,435 महीना है। अनुमानित मैच्योरिटी ₹2,01,000 है, जिसमें ₹1,000 लॉयल्टी एडिशन शामिल है।
| उम्र | 10 साल | 12 साल | 15 साल |
|---|---|---|---|
| 18 | ₹8,374 | ₹6,689 | ₹5,047 |
| 30 | ₹8,401 | ₹6,720 | ₹5,086 |
| 40 | ₹8,502 | ₹6,838 | ₹5,228 |
| 50 | ₹8,796 | ₹7,161 | ₹5,601 |
₹1 लाख कवर का सालाना प्रीमियम, कैलकुलेटर से।
सुझाव: हो सके तो मैच्योरिटी तक प्रीमियम भरते रहें। ऐसे प्लान में ज़्यादातर फायदा अंत में मिलने वाली बीमा राशि और लॉयल्टी एडिशन से ही आता है।
मैच्योरिटी, मृत्यु लाभ और लॉयल्टी एडिशन
- मैच्योरिटी: बेसिक बीमा राशि + लॉयल्टी एडिशन (LIC घोषित करता है, गारंटीड नहीं, पांच पॉलिसी वर्षों के बाद लागू)।
- मृत्यु: बेसिक बीमा राशि या सालाना प्रीमियम का 7 गुना, जो ज़्यादा हो। यह भरे प्रीमियम के कम से कम 105% होता है, और पांच साल बाद लॉयल्टी एडिशन भी मिलता है।
लोन और सरेंडर
सरेंडर वैल्यू बनने के बाद 951 पॉलिसी सरेंडर की जा सकती है। हमारे इस्तेमाल किए माइक्रो बचत प्लान सारांश के अनुसार तीन पूरे साल के प्रीमियम के बाद लोन मिलता है, जो सरेंडर वैल्यू के एक हिस्से तक होता है। जल्दी सरेंडर करने पर भरे पैसे से कम मिलता है। पहले सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर से रकम जांच लें।
टैक्स
पुरानी व्यवस्था में प्रीमियम पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 123 (पहले धारा 80C) की छूट मिलती है। मैच्योरिटी और मृत्यु लाभ आम तौर पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 11 व अनुसूची II (पहले धारा 10(10D)) में टैक्स-फ्री हैं।
951 बनाम 851 बनाम 751
तीनों का ढांचा एक जैसा है: ₹2 लाख तक कवर, 10 से 15 साल की अवधि, और मैच्योरिटी पर बीमा राशि व लॉयल्टी एडिशन। 851 और 951 के कैलकुलेटर उनके प्लान सारांश की एक ही रेट टेबल इस्तेमाल करते हैं। प्लान 751 की अपनी ब्रोशर-आधारित दरें हैं, जो हर उम्र पर 951 से थोड़ी ज़्यादा हैं और पुरुषों व महिलाओं के लिए एक जैसी हैं। नई पॉलिसी की तुलना करनी हो, तो माइक्रो बचत 751 कैलकुलेटर देखें।
कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
पॉलिसी दस्तावेज़ से प्रवेश आयु, अवधि, बीमा राशि और मोड डालें। लॉयल्टी एडिशन ₹5 प्रति हज़ार रहने दें, जो 8% अनुमानित रिटर्न पर LIC के 751 उदाहरण में दिखाई गई कुल राशि है। सिर्फ गारंटीड बीमा राशि देखनी हो, तो 0 डालें। सभी नतीजे अनुमान हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या LIC माइक्रो बचत 951 अब भी मिलता है?
नहीं। यह 1 फरवरी 2020 से 1 अक्टूबर 2024 तक बिका, फिर LIC ने इसकी जगह माइक्रो बचत 751 लाया। पुरानी 951 पॉलिसियां मैच्योरिटी या क्लेम तक बिना बदलाव के चलती रहेंगी।
माइक्रो बचत 951 की मैच्योरिटी राशि कितनी होगी?
मैच्योरिटी पर बेसिक बीमा राशि और पॉलिसी के पांच साल पूरे होने के बाद LIC का घोषित लॉयल्टी एडिशन मिलता है। ₹1 लाख, 15 साल पर हमारे डिफ़ॉल्ट अनुमान, कुल ₹5 प्रति हज़ार (नए प्लान 751 के LIC उदाहरण वाली राशि), से यह ₹1,00,500 बनता है।
माइक्रो बचत 951 में ₹2 लाख का मासिक प्रीमियम कितना है?
25 साल की उम्र और 10 साल की अवधि पर हमारा कैलकुलेटर लगभग ₹1,435 महीना दिखाता है। इसमें 3% मासिक लोडिंग और ₹2 लाख की बीमा राशि पर रिबेट शामिल है। वार्षिक भुगतान करीब ₹16,368 बनता है।
माइक्रो बचत 951 का प्रीमियम बंद कर दूं तो क्या होगा?
ग्रेस पीरियड के अंदर पॉलिसी चालू रहती है। उसके बाद पॉलिसी लैप्स हो जाती है, पर आम तौर पर तय समय में रिवाइव कराई जा सकती है। पर्याप्त प्रीमियम भर चुके हों, तो पूरी तरह लैप्स होने के बजाय सरेंडर या पेड-अप वैल्यू बन सकती है।
माइक्रो बचत 951 में मृत्यु लाभ क्या है?
नॉमिनी को बेसिक बीमा राशि या सालाना प्रीमियम का 7 गुना, जो ज़्यादा हो, मिलता है। यह भरे प्रीमियम के 105% से कम नहीं होता, और पांच साल बाद लॉयल्टी एडिशन भी जुड़ता है।
क्या माइक्रो बचत 951 के प्रीमियम पर GST लगता है?
नहीं। माइक्रो इंश्योरेंस प्रीमियम GST से बाहर थे, और 22 सितंबर 2025 से सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम GST-मुक्त हैं। किसी पुराने हिसाब में 18% GST दिखे, तो वह इस प्लान के लिए सही आधार नहीं था।
अस्वीकरण: LIC प्रीमियम कैलकुलेटर एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से कोई संबंध या समर्थन नहीं है। सभी आंकड़े केवल अनुमान हैं; पॉलिसी लेने से पहले सही प्रीमियम और लाभ LIC या लाइसेंस प्राप्त एजेंट से ज़रूर पुष्टि करें।